तेनाली राम और बिल्लियाँ
Tenali Rama and the Cats
पात्र / Characters
विजयनगर राज्य में चूहों का बड़ा उपद्रव था। राजा कृष्णदेवराय ने आदेश दिया कि हर नागरिक एक बिल्ली पालेगा।
तेनाली राम ने एक बिल्ली ली। लेकिन उसने बिल्ली को रोज़ गर्म दूध में चेहरा डुबोकर पीना सिखाया। बिल्ली को आदत हो गई कि दूध बहुत गर्म होता है।
कुछ महीनों बाद राजा ने सबकी बिल्लियाँ वापस माँगीं। सभी की बिल्लियाँ मोटी-ताज़ी थीं और चूहे पकड़ती थीं।
तेनाली राम की बिल्ली देखते ही हर चूहे के बिल से भागती थी! क्योंकि उसे डर था कि कहीं कुछ गर्म न लग जाए।
राजा ने पूछा, 'तेनाली, यह क्या हुआ?'
तेनाली ने कहा, 'महाराज, मैंने इसे बहुत सतर्क रहना सिखाया। एक सतर्क बिल्ली किसी जाल में नहीं फँसती। यह गुण राजा के सेवकों में भी होना चाहिए!''
राजा मुस्कुराए और तेनाली को पुरस्कार दिया।
हर काम में सोच-समझकर और सतर्कता से काम लो। रचनात्मक सोच सबसे बड़ी ताकत है।
📝 सवाल
तेनाली राम ने बिल्ली को क्या सिखाया?
राजा ने तेनाली को इनाम क्यों दिया?