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8-10 साल5 मिनट

खोई हुई राजकुमारी

The Lost Princess

पात्र / Characters

राजकुमारी मेघागाँव की लड़की रानीराजा

सुंदरपुर राज्य की राजकुमारी मेघा एक बार अपने घोड़े पर सवार होकर जंगल में निकल गई। रास्ता भटककर वह एक छोटे से गाँव में पहुँच गई।

शाम हो रही थी। मेघा थकी और डरी हुई थी। उसने एक घर का दरवाज़ा खटखटाया।

दरवाज़ा एक ११ साल की लड़की ने खोला — रानी। उसने बिना पूछे कि मेघा कौन है, उसे खाना खिलाया और रात को रहने दिया।

सुबह रानी ने मेघा को राजमहल का रास्ता बताया। जाते-जाते मेघा ने पूछा, 'तुम जानती थीं मैं कौन हूँ?'

रानी ने कहा, 'नहीं। लेकिन जो थका हो, भूखा हो — उसकी मदद करना चाहिए। यह तो माँ ने सिखाया है।'

कुछ महीनों बाद रानी के दरवाज़े पर महल से बुलावा आया। राजकुमारी मेघा ने उसे महल में पढ़ने के लिए बुलाया था।

रानी और मेघा की दोस्ती जीवन भर बनी रही।

💡 सीख

दोस्ती और दयालुता किसी ऊँचे-नीचे को नहीं देखती। भलाई का फल ज़रूर मिलता है।

📝 सवाल

रानी ने मेघा की मदद क्यों की?

राजकुमारी ने रानी को क्या दिया?

इस कहानी से हम क्या सीखते हैं?