हम पानी के अंदर साँस नहीं ले सकते — तो मछलियाँ कैसे पानी में जीती हैं?
पानी में ऑक्सीजन घुली होती है — वही ऑक्सीजन जो हम हवा से लेते हैं।
मछलियों के पास 'गलफड़े' (gills) होते हैं — ये उनके गले के दोनों तरफ होते हैं।
मछली मुँह से पानी अंदर लेती है। यह पानी गलफड़ों से होकर गुज़रता है।
गलफड़े बहुत पतले होते हैं और उनमें खून की बहुत सी पतली नलियाँ होती हैं। पानी में घुली ऑक्सीजन इन नलियों में खून में मिल जाती है।
फिर पानी गलफड़ों से बाहर निकल जाता है।
हम फेफड़ों से हवा में साँस लेते हैं, मछलियाँ गलफड़ों से पानी में — दोनों एक ही काम करते हैं!
मज़ेदार तथ्य: कुछ मछलियाँ जैसे मडस्किपर ज़मीन पर भी चल सकती हैं और थोड़ी देर हवा में भी साँस ले सकती हैं!
घर पर करो: एक गिलास पानी को गर्म करो। ठंडे पानी में छोटे-छोटे बुलबुले दिखते हैं — वह घुली ऑक्सीजन है। गर्म करने पर बुलबुले बड़े होते हैं क्योंकि गर्मी से ऑक्सीजन बाहर निकलती है।