ब्राह्मण और नाग
The Brahmin and the Cobra
पात्र / Characters
एक गाँव में एक ब्राह्मण रहता था। उसके खेत में एक पुरानी बाँबी थी जिसमें एक नाग रहता था।
एक दिन किसी ने ब्राह्मण से कहा, 'बाँबी के नाग की पूजा करो, वह खेत का रक्षक होता है।' ब्राह्मण ने नाग को दूध चढ़ाया। नाग प्रसन्न हुआ और उसने एक सोने का सिक्का दिया।
यह सिलसिला चलता रहा। रोज़ दूध, रोज़ एक सोने का सिक्का।
एक बार ब्राह्मण को कहीं जाना पड़ा। उसने अपने बेटे को दूध देने भेजा। बेटे ने सोचा, 'इस नाग के पास ज़रूर ढेर सारा सोना होगा!' और उसने नाग को मारने की कोशिश की।
नाग ने उसे काट लिया। बेटे की मृत्यु हो गई।
ब्राह्मण लौटा और रोते हुए फिर नाग को दूध देने गया। नाग ने कहा, 'तुम्हारे बेटे ने मुझ पर प्रहार किया था। अब हमारे बीच का विश्वास टूट गया है। मैं तुम्हें एक आखिरी सोना देता हूँ — पर यह दोस्ती अब नहीं रह सकती।'
एक बार टूटा हुआ विश्वास आसानी से नहीं जुड़ता। लालच रिश्तों को नष्ट कर देता है।
📝 सवाल
ब्राह्मण के बेटे ने क्या गलती की?
नाग ने दोस्ती क्यों खत्म की?